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BBC: लाल किले से पीएम मोदी लाइव, पढ़ें स्वतंत्रता दिवस पर क्या-क्या कहा?

पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िला से क्या-क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िला से क्या कहा?

Posted by BBC News हिन्दी on Friday, August 14, 2020

अब साधारण से काम नहीं चलेगा

बीते वर्ष मैंने यहीं लाल किले से कहा था कि पिछले पाँच साल देश की अपेक्षाओं के लिए थे, और आने वाले पाँच साल देश की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए होंगे। बीते एक साल में ही देश ने ऐसे अनेकों महत्वपूर्ण फैसले लिए, अनेकों महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए। आज भारत ने असाधारण समय में असंभव को संभव किया है. इसी इच्छाशक्ति के साथ प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ना है। वर्ष 2022, हमारी आजादी के 75 वर्ष का पर्व, अब बस आ ही गया है।21वीं सदी के इस दशक में अब भारत को नई नीति और नई रीति के साथ ही आगे बढ़ना होगा। अब साधारण से काम नहीं चलेगा।

भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च

पीएम मोदी ने चीन का नाम लिए बिना साधा निशाना. कहा, “देश के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, दुनिया ने ये लद्दाख में देख लिया है।”

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सीमा मिलने वाले देश ही पड़ोसी नहीं बल्कि दिल मिलने वाले देश भी भारत के पड़ोसी

हमारे पड़ोसी चाहे ज़मीन से जुड़े हों या समंदर से, हम उन सभी पड़ोसी देशों को जोड़ रहे हैं। हम अपने पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को और गहरा कर रहे हैं। दक्षिण एशिया में दुनिया की एक चौथाई आबादी रहती है। दक्षिण एशिया के नेताओं को इस विशाल आबादी के विकास में साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत है। इस पूरे इलाक़े में जितनी शांति होगी उतनी ही यह मानवता के हित में होगा। आज सिर्फ़ पड़ोसी वही नहीं हैं जिनसे हमारी भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं बल्कि वो भी हैं जिनसे दिल मिलता है।

बीते कुछ समय में भारत ने अपने संबंधों को और मज़बूत किया है। पश्चिम एशिया से हमारे संबंध और गहरे हुए हैं। इन देशों के साथ ऊर्जा क्षेत्र में भागीदारी बहुत अहम है। इन देशों में बड़ी संख्या में हमारे भारतीय भाई बहन काम कर रहे हैं। इन देशों ने कोरोना काल में भारतीयों की जिस तरह से मदद की उसके प्रति हम आभार प्रकट करते हैं।

जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का साल

ये एक साल जम्मू कश्मीर की एक नई विकास यात्रा का साल है। ये एक साल जम्मू कश्मीर में महिलाओं, दलितों को मिले अधिकारों का साल है. ये जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का भी एक साल है। हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय इकाइयों के जनप्रतिनिधि सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ विकास के नए युग को आगे बढ़ा रहे हैं।

बीते वर्ष लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर, वहां के लोगों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया गया है। हिमालय की ऊंचाइयों में बसा लद्दाख आज विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है।

जिस प्रकार से सिक्कम ने ऑर्गैनिक स्टेट के रूप में अपनी पहचान बनाई है, वैसे ही आने वाले दिनों में लद्दाख, अपनी पहचान एक कार्बन न्यूट्रल क्षेत्र के तौर पर बनाए, इस दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है।

महिला शक्ति ने हर अवसर पर देश का नाम रोशन किया है

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा अनुभव कहता है कि भारत में महिलाशक्ति को जब-जब भी अवसर मिले, उन्होंने देश का नाम रोशन किया, देश को मजबूती दी है।

आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं। देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं। कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं।

वैक्सीन्स इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं, तीन वैक्सीन बना रहा भारत

नेशनल डिज़िटल हेल्थ मिशन की शुरुआत की जाएगी। सभी नागरिकों को एक हेल्थ आईडी दी जाएगी और इसमें हेल्थ से जुड़े सभी रिकॉर्ड रहेंगे। कोरोना को लेकर नागरिकों चिंता है। सब यह जानना चाहते हैं कि वैक्सीन कब आएगी. मै आपको बताना चाहता हूं कि भारत में एक नहीं बल्कि तीन-तीन वैक्सीन अलग-अलग चरणों में ट्रायल की प्रक्रिया में हैं. एक बार मंज़ूरी मिलने के बाद हम व्यापक पैमाने पर इसका उत्पादन करेंगे।

आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान, आत्म-निर्भर भारत की प्राथमिकता

देश के किसानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए कुछ दिन पहले ही एक लाख करोड़ रुपए का ‘एग्रीकल्चर इनफ्रास्ट्रक्चर फंड’ बनाया गया है। इसी लाल किले से पिछले वर्ष मैंने जल जीवन मिशन का ऐलान किया था. आज इस मिशन के तहत अब हर रोज एक लाख से ज्यादा घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ने में सफलता मिल रही है। मध्यम वर्ग से निकले प्रोफेशनल्स भारत ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाते हैं. मध्यम वर्ग को अवसर चाहिए, मध्यम वर्ग को सरकारी दखलअंदाजी से मुक्ति चाहिए

ये भी पहली बार हुआ है जब अपने घर के लिए होम लोन की EMI पर भुगतान अवधि के दौरान 6 लाख रुपए तक की छूट मिल रही है. अभी पिछले वर्ष ही हजारों अधूरे घरों को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के फंड की स्थापना हुई है।

कोरोना के समय में हमने देख लिया है कि डिजिटल भारत अभियान की क्या भूमिका रही है। अभी पिछले महीने ही करीब-करीब 3 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन अकेले BHIM UPI से हुआ है।

साल 2014 से पहले देश की सिर्फ 5 दर्जन पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ी थीं। बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है। आने वाले 1000 दिन में देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा।

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